बजट की प्रमुख विशेषताएं
बजट की प्रमुख विशेषताएं
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गई हैं। यहाँ बजट की प्रमुख विशेषताएँ प्रस्तुत हैं:
1. कुल व्यय और राजकोषीय घाटा
- कुल व्यय: ₹48.21 लाख करोड़, जो पिछले अंतरिम बजट से 1.2% अधिक है।
- राजकोषीय घाटा: सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.9% निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 5.6% से कम है।
2. कृषि और ग्रामीण विकास
- कृषि अनुसंधान: कृषि में उत्पादकता और लचीलापन बढ़ाने के लिए अनुसंधान और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- डिजिटल फसल सर्वेक्षण: 400 जिलों में खरीफ सीजन के लिए डिजिटल फसल सर्वेक्षण की योजना है, जिससे 6 करोड़ किसानों का डेटा एकत्र किया जाएगा।
3. रोजगार और कौशल विकास
- नौकरी, शिक्षा, और कौशल विकास: इन क्षेत्रों के लिए ₹1.48 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
4. बुनियादी ढांचा निवेश
- पूंजीगत व्यय: बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹11.11 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जो GDP का 3.4% है।
5. ऊर्जा और पर्यावरण
- ऊर्जा संक्रमण: सरकार ऊर्जा संक्रमण के लिए नई नीतियाँ लाएगी, जिसमें परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई प्रौद्योगिकी का अनुसंधान और विकास शामिल है।
- नवीकरणीय ऊर्जा: बिजली भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा के समेकन के लिए पंप स्टोरेज नीति लाई जाएगी।
6. सामाजिक कल्याण
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: इस योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त अनाज वितरित किया जाएगा।
- निराश्रित महिला पेंशन योजना: पात्र लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि ₹500 प्रति माह से बढ़ाकर ₹1,000 प्रति माह की गई है।
7. कर सुधार
- आयकर में छूट: स्टैंडर्ड डिडक्शन में ₹25,000 की वृद्धि की गई है, जिससे अब यह ₹75,000 हो गया है।
- नई कर स्लैब: नई कर व्यवस्था में 7 से 10 लाख रुपये की आय पर 10% कर निर्धारित किया गया है।
यह बजट आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित निवेश और सुधारों पर ध्यान दिया गया है।

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